खुशखबरी आयुष्मान योजना के लाभार्थी गंभीर बीमारी के लिए पाएंगे 15 लाख रूपए

राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना (Rashtriya Arogya Nidhi Scheme in Hindi)

केंद्र सरकार देश के प्रत्येक नागरिकों के स्वास्थ्य की देखभाल करना चाहती हैं, उन्हें हर गंभीर बीमारी का ईलाज प्राप्त हो इसके लिए वे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी योजनायें भी लेकर आती रही है. ऐसी ही एक योजना केंद्र सरकार द्वारा लाई जा रही हैं जिसका नाम है ‘राष्ट्रीय अयोग्य निधि योजना’. इस योजना के तहत ऐसे लोग जिन्हें आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मिलने वाले लाभ का फायदा नहीं मिल पा रहा है यानि जिन लोगों को कुछ बीमारी का ईलाज प्राप्त करने के लिए अधिक पैसों की आवश्यकता हैं, तो वे अब इस योजना के तहत अपना ईलाज करवा सकते हैं. क्योंकि इस योजना में उन्हें 5 से 15 लाख रूपये तक के ईलाज के लिए वित्तीय सुविधा प्राप्त होगी. यह अतिरिक्त सहायता राशि लाभार्थियों को अम्ब्रेला राष्ट्रीय आरोग्य निधि योजना के तहत दी जाएगी.   

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दरअसल भारत में केंद्र सरकार ने लगभग 3 साल पहले आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत की थी. यह एक बहुत बड़ा अभियान है जिसके तहत गरीब लाभार्थियों को इसमें शामिल पब्लिक एवं प्राइवेट अस्पतालों में 5 लाख रूपये तक का ईलाज मुफ्त में प्राप्त होता है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि लाभार्थी का स्वास्थ्य 5 लाख रूपये तक पार हो जाने के बाद भी ठीक नहीं हो पाता हैं. तो ऐसे लोग इस योजना के तहत अपना ईलाज करवा सकते हैं.

इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना में शामिल होने वाले लोगों को कुछ विभिन्न स्वास्थ्य बीमा प्रोग्राम के पैकेज के आधार पर ईलाज प्राप्त होता हैं. आपको बता दें कि इस पैकेज में 1393 बीमारियों का ईलाज लाभार्थी प्राप्त कर सकता हैं. लेकिन कुछ बीमारियाँ ऐसी हैं जो इस पैकेज में शामिल नहीं हुई है. जैसे कि ब्लड कैंसर, क्रोनिक लीवर डिसीज और जरुरी ऑर्गन एवं बोन मेरो ट्रांसप्लांट आदि. ऐसे में इन बीमारियों से पीढित गरीब लोगों को भी ईलाज प्राप्त हो सके इसके लिए इस योजना को आयुष्मान भारत योजना के साथ जोड़कर शुरू किया जा रहा है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस अम्ब्रेला योजना के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं. यह निर्णय सरकार एवं संबंधित मंत्रालय ने एम्स एवं एनएचए के द्वारा किये गये आग्रह के आधार पर लिया है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र लिखा था कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कुछ जानलेवा बीमारियों के ईलाज से जो लोग वंचित रह गये हैं उनके लिए एक ऐसी योजना शुरू की जाये जो ऐसे लोगों की भी मदद कर सके. इसके बाद केंद्र सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों, सभी क्षेत्रीय कैंसर केन्द्रों, सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों, व्यय विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को ज्ञापन भेज दिए हैं.

एम्स एवं एनएचए द्वारा इसके पहले इससे संबंधित कुछ और प्रस्ताव दिए गये थे लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा सभी को ख़ारिज कर दिया गया था. फिर इस बार स्वास्थ्य मंत्रालय ने उनके द्वारा पुनः दिए गये सुझाव पर विचार किया और राष्ट्रीय अयोग्य निधि योजना को शुरू करने का फैसला ले लिया. यदि आप भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ प्राप्त करने के बाद भी स्वस्थ नहीं हो पाए हैं, तो आप इस योजना में शामिल होकर अपना ईलाज करवा सकते हैं

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