मध्यप्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को 75,000/- रु तक का भत्ता मिलेगा

मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी चिकित्सा अधिकारी योजना मध्यप्रदेश 2020 (CM Sushen Medical Officers Appreciation Scheme Madhya Pradesh in Hindi)

देश में कुछ क्षेत्र ऐसे होते हैं जहां चिकित्सा पहुंचना काफी मुश्किल होता हैं जैसे कि आदिवासी इलाकों में. ऐसे में कुछ डॉक्टर्स जोकि अपने घर से दूर इन आदिवासी इलाकों जैसी छोटी जगह पर रहते हुए अपनी सेवा देते हैं. तो उनके द्वारा दी जाने वाली सेवा से छोटी जगह के लोगों तक भी अब कई सारी बिमारियों का ईलाज पहुँच पा रहे हैं. ऐसे में उन डॉक्टर्स को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य सरकार एक योजना लेकर आई है जिसका नाम है ‘मुख्यमंत्री सुषेण संजीवनी योजना’. इस योजना के तहत मध्यप्रदेश सरकार यह चाहती हैं कि आदिवासी इलाकों जैसी जगहों में नियुक्त डॉक्टर्स को शहरी इलाकों में नियुक्त डॉक्टर्स की तुलना में अतिरिक्त भत्ता दिया जाये.  इस उद्देश्य के साथ राज्य सरकार इस योजना को लेकर आई है.

अतः इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा आदिवासी इलाकों की स्वास्थ्य संस्थानों में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा अधिकारीयों यानि की डॉक्टर्स को वेतन के साथ प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान भी किया जायेगा.

इस योजना को लागू करने के लिए जनजातीय आबादी वाले 20 जिलों के सीएमएचओ को इस संबंध में एक आदेश भेजा गया है. जिसमें छिंदवाडा, बैतूल, डिंडोरी, धार, खानवा, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, सिवनी, शहडोल और उमरिया आदि शामिल है. इस योजना के तहत सरकार ने यह फैसला लिया है कि ऐसे डॉक्टर्स को जो वर्तमान में भत्ता दिया जा रहा है, उसके साथ – साथ प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में काम करने वाले स्थायी एवं अन्य चिकित्सा अधिकारीयों और विशेषज्ञों को 40, 50 और 75 हजार रूपये तक का भत्ता भी दिया जायेगा.

इस योजना में पहचान किये गये क्षेत्रों में 338 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 96 सामुदायिक स्वस्थ्य केंद्र, 89 पिछड़े ब्लॉक्स और 21 अन्य पिछड़े ब्लॉक्स आदि शामिल है. इस योजना को शुरू कर सरकार का कहना हैं कि यह पहली बार हैं जब इस तरह को कोई योजना शुरू की जा रही हैं जिसमें पिछड़े जिलों में अपनी सेवा देने वाले चिकित्सकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है.

इस योजना के शुरू होने से छोटी जगह पर रहने वाले लोगों तक ईलाज पहुँच सकेगा. क्योंकि जब ऐसे डॉक्टर्स को प्रोत्साहित किया जायेगा, तो अधिक संख्या में डॉक्टर्स ऐसे इलाकों में नियुक्त होंगे. जिससे लोगों को अपनी बीमारी के ईलाज के लिए कही बाहर शहर में नहीं जाना पड़ेगा. उनका ईलाज वही रहकर ही हो सकेगा.

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