[7000 रूपए] मेरा पानी मेरी विरासत योजना 2020 हरियाणा [फॉर्म]

हरियाणा सरकार धान की बुआई ना करने पर किसानों को देगी 7000 रुपये प्रति एकड़: मेरा पानी मेरी विरासत…(Mera Pani – Meri Virasat Yojana 2020-21 Haryana in Hindi)पंजीयन पोर्टल, दस्तावेज, पात्रता नियम

हमारे शरीर 66% पानी से ही भरा हुआ है। और धरती की बात करें तो उस पर भी 75% से अधिक पानी ही है तो इसका सीधा और सरल शब्द यह है कि बिना पानी के ना तो धरती का होना संभव है और ना ही किसी जीव का। इसीलिए जल हमारा कल है इसी बात को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण बेहद आवश्यक क्रिया है। जल की महत्वता को ध्यान में देते हुए हरियाणा सरकार द्वारा किसानों के लिए एक योजना प्रारंभ कर दी गई है। इस योजना का नाम ही अनोखा है क्योंकि इस योजना का नाम जल से जुड़ा हुआ है। इस योजना का नाम है मेरा पानी मेरी विरासत। मुख्य रूप से यह योजना उन किसानों के लिए आरंभ की गई है जो किसान धान की फसल की खेती के अलावा किसी दूसरी फसल की खेती करते हैं। ऐसे किसानों को सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि के रूप में 7000 रुपये प्रति एकड़ जमीन प्रदान किए जाएंगे।

जल के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस योजना को लाया गया है ताकि आने वाली पीढ़ी को जल्द से जुड़ी किसी समस्या का सामना ना करना पड़े। आइए जान लेते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से:-

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएं और लाभ:-

  • जल के संरक्षण से ही इस योजना को हरियाणा सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया है तो इसका मुख्य उद्देश्य जल को बचाना ही रहेगा।
  • आने वाली पीढ़ी के लिए जल का संरक्षण करके उनकी पीढ़ी को सुरक्षित रखने का काम इस योजना के तहत किया जाना है।
  • यह योजना ऐसे किसानों को प्रोत्साहन प्रदान करेगी जो धान की फसल की खेती को छोड़कर अन्य फसलों की खेती करना प्रारंभ करते है।
  • सरकार द्वारा इस योजना के प्रारंभ के समय ही यह ऐलान कर दिया गया कि धान की बुवाई की अनुमति ऐसे पंचायती क्षेत्रों के अंदर किसानों को नहीं दी जाएगी जहां पर भूजल की अधिकतम गहराई 35 मीटर से भी अधिक है।
  • इस योजना के तहत सरकार जो प्रोत्साहन राशि किसानों को देना चाहेगी वह ग्राम पंचायत के हाथों में ही सौंप दी जाएगी।
  • यदि कुछ राज्य के ब्लॉक ऐसे हैं जहां पर भूजल स्तर बहुत ज्यादा कम है और वहां के ब्लॉकर्स के अलावा यदि अन्य ब्लॉक के किसान भी धान की बुवाई छोड़कर अन्य फसलों की बुआई करना प्रारंभ करते हैं तो उन्हें इस बात की सूचना पहले सरकार को देनी होगी ताकि वह प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकें।
  • जैसा कि विशेषज्ञों का कहना है कि धान की खेती में बहुत ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है ऐसे में यदि वह धान की खेती को छोड़कर मक्का, अरहर, उड़द, ज्वार, कपास, बाजरा और तिल के साथ-साथ ग्रीष्म या बैसाखी मूंग की खेती करते हैं तो इसमें पानी का खर्च कम होगा।
  • हरियाणा सरकार द्वारा यह भी घोषणा कर दी गई है कि जो किसान मक्का की बुवाई करना चाहते हैं उनके लिए आवश्यक कृषि उपकरण भी व्यवस्थित किए जाएंगे।
  • जो किसान धान की जगह अन्य फसलों को उग आते हुए कम से चाहिए अथवा ड्रिप सिंचाई की प्रणाली को अपनाते हुए खेती करेंगे उन्हें 80% अनुदान प्रदान किया जाएगा।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना में पात्रता मापदंड

हरियाणा का निवासी:-

हालांकि यह योजना हरियाणा सरकार द्वारा प्रारंभ की गई है इसलिए इस योजना के तहत आवेदन भरने वाले नागरिक हरियाणा राज्य के ही निवासी हो सकते हैं।

धान की खेती करने वाले किसान:-

इस योजना में प्रोत्साहन राशि वे किसान ही प्राप्त कर पाएंगे जो धान की खेती करते हैं परंतु उसे छोड़कर अन्य खेती की और अग्रसर हो रहे हैं।

अन्य पात्रता:-

इस योजना के अंतर्गत उन किसानों को भी योग्य माना जाएगा जो उस स्थानों पर रहते हैं जहां पर भूजल स्तर काफी कम है और धान की बुवाई को छोड़कर अन्य फसलों की बुवाई प्रारंभ करना चाहते हैं।

मेरा  पानी मेरी विरासत योजना में आवश्यक दस्तावेज

मूल निवासी प्रमाण पत्र:-

हरियाणा क्षेत्र में रहने वाले व्यक्ति ही इस योजना में आवेदन भर सकते हैं परंतु वह हरियाणा के मूल निवासी हैं इस बात का प्रमाण पत्र भी उनके पास होना चाहिए।

किसान कार्ड/किसान क्रेडिट कार्ड:-

इस योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा आवश्यक दस्तावेजों में किसान कार्ड अथवा किसान क्रेडिट कार्ड की भी पुष्टि की जाएगी। क्योंकि यह किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करने वाली योजना है ऐसे में किसान अपना किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन के समय अपने साथ अवश्य रखें।

पहचान प्रमाण पत्र:-

इस योजना में आवेदन के समय आपका पहचान प्रमाण पत्र भी अनिवार्य है जिसके लिए आप अपना आधार कार्ड अथवा वोटर आईडी कार्ड साथ रख सकते हैं।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन कैसे करें?

हरियाणा सरकार द्वारा इस योजना की घोषणा तो कर दी गई है परंतु इसका वेबपोर्टल अभी लॉन्च नहीं किया गया है। जैसे ही इस योजना से जुड़ा वेब पोर्टल लॉन्च हो जाएगा इसकी जानकारी जल्द ही सरकार के माध्यम से किसानों तक पहुंचाई जाएगी। ताकि वे इस योजना में आवेदन भर के प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकें। प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के बाद वे अपने खेती और फसल बुवाई के दौरान आने वाली सभी समस्याओं से निजात प्राप्त कर पाएंगे।

मुख्य रूप से हरियाणा सरकार द्वारा यह योजना भूजल स्तर को बनाए रखने और उसे बढ़ाने के लिए की गई है। ताकि भावी पीढ़ी के लिए जल संचय करके विरासत के रूप में यह जल उनको प्रदान किया जा सके। साथ ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य कम जल में अधिक से अधिक फसलों की खेती को बढ़ावा देना भी है।

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