राजस्थान नवजात सुरक्षा योजना 2020 – कंगारू मदर केयर द्वारा नवजात शिशु की देखभाल की जाएगी 

राजस्थान नवजात सुरक्षा योजना 2020 – कंगारू मदर केयर द्वारा नवजात शिशु की देखभाल की जाएगी 

राजस्थान नवजात सुरक्षा योजना राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश में शुरू की जा रही है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की रक्षा करना है ताकि उनकी मृत्यु दर पर कमी पाई जा सके. इस योजना के अंतर्गत कंगारू मदर केयर ट्रीटमेंट को अपनाया जाएगा और नवजात शिशु की सुरक्षा की जाएगी. यह योजना प्रदेश में चल रही  निरोगी राजस्थान योजना के अंतर्गत शुरू की जा रही है.

इस योजना के अंतर्गत ऐसे नवजात शिशु की देखभाल की जाएगी जिनका वजन बहुत ज्यादा कम है, जोकि कुपोषण का शिकार हैं एवं जिनका जन्म समय से पूर्व अर्थात प्रीमेच्योर डिलीवरी वाले नवजात. ऐसे शिशुओं को नवजात सुरक्षा योजना के अंतर्गत कंगारू मदर केयर ट्रीटमेंट के जरिए स्वस्थ बनाया जाएगा ताकि ऐसे बच्चों की मृत्यु दर में कमी पाई जा सके.

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योजना के अंतर्गत राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग कंगारू मदर केयर टेक्निक को प्रमोट करना चाहता है जिसके अंतर्गत स्किन टू स्किन कांटेक्ट जो कि बच्चे और उसकी मां के बीच होता है, को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही मां के दूध की महत्व समझाई जाएगी क्योंकि एक मां ही है जो नवजात शिशुओं के लिए प्राकृतिक इनक्यूबेटर का काम कर सकती है.

राजस्थान राज्य के कंगारू मदर केयर में 77 मास्टर ट्रेनर हैं जो स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर काम करेंगे.

राजस्थान में शिशु मृत्यु दर प्रत्येक 1000 पर 35 आंकी जा रही है यह गणना वर्ष 2015 एवं 16 में की गई थी स्वास्थ्य विभाग नवजात सुरक्षा योजना और निरोगी राजस्थान एवं कंगारू मदर केयर की शुरुआत करके इस रेट को नीचे लाने की कोशिश करना चाहता है.

कंगारू मदर केयर एक ऐसी तकनीक है जिसमें खर्चा बहुत ही कम आता है और बहुत ही व्यवहारिक तकनीक है जिसमें नवजात शिशुओं को किसी भी तरह की अन्य परेशानी होने की संभावनाएं नहीं होती. साथ ही परिवार पर कोई अन्य खर्चा काव्य नहीं आता. इस तकनीक के बारे में फिलहाल उचित निर्णय लिए गए हैं ताकि नवजात की उचित सुरक्षा की जा सके.  इस योजना को लागू करने के लिए अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.

क्या है कंगारू मदर केयर

कंगारू मदर केयर पद्धति में बच्चे को उसकी मां के सीने से चिपका कर रखा जाता है ताकि मां के शरीर का तापमान बच्चे तक पहुंच सके, इससे बच्चे के का तापमान स्थिर बना रहे जिससे  बच्चे को बुखार आने की संभावनाएं बहुत कम हो जाती है. यह एक बहुत ही अच्छी तकनीक है जिसे कंगारू मदर केयर कहा जाता है इस तकनीक को स्पर्श चिकित्सा भी कहा जाता है. साथ ही इस तकनीक में किसी भी तरह का खर्चा नहीं होता. इस तकनीक में नवजातों को माँ के दूध का सेवन ज्यादा से ज्यादा करवाया जाता हैं क्यूंकि यह भी नवजातों में बीमारियों एवं कुपोषण को कई हद तक कम करता हैं.

अब राजस्थान सरकार इस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने की पूरी कोशिश कर रही है हालांकि सरकार का यह मानना है कि मृत्यु दर में पिछले समय से अब में काफी गिरावट हुई है लेकिन इससे कम से कम करने की कोशिश में राजस्थान सरकार निरंतर प्रयासरत है.

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