छत्तीसगढ़ रोका-छेका योजना 2020

छत्तीसगढ़ रोका-छेका योजना 2020 (लास्ट डेट, पात्रता, आवेदन फॉर्म)

जब से केंद्र सरकार ने गायों और अन्य पशुओं को मारने एवं उनके मांस के बिक्री पर पूरी तरह से पाबंद लगा लिया है, तब से हमारे देश के प्रत्येक राज्यों में दिन-प्रतिदिन पशुओं की जनसंख्या में वृद्धि होती चली जा रही है। आज हमारे देश में पशुओं के जनसंख्या में इतनी वृद्धि हो चुकी है, कि उनके लिए उचित चारागाह भी मौजूद नहीं हो पा रहा है। ऐसी परिस्थिति में लगभग प्रत्येक पशुपालन व्यक्ति अपने पशुओं को खुला चरने के लिए छोड़ दे रहा है। ऐसे में आवारा पशुओं की संख्या में वृद्धि होने के कारण सभी प्रकार के किसानों को उनकी फसलों में भारी नुकसान उठाना पड़ता था, क्योंकि सभी आवारा पशु किसानों की फसलों को क्षति पहुंचाते थे। ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्य की सरकार ने अपने प्रदेश के किसानों की इस समस्या को समझते हुए छत्तीसगढ़ रोका- छेका का योजना शुभारंभ किया हुआ है। इस योजना के माध्यम से सभी आवारा पशुओं को भी चारागाह और किसानों की फसलों को भी सुरक्षा हो सकेगी। आइए छत्तीसगढ़ की इस लाभकारी योजना के बारे में और विस्तार पूर्वक से जानते हैं।

roka-cheka-scheme Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की रोका- छेका योजना क्या है ?

छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने इस योजना को 19 जून से 30 जून वर्ष 2020 तक इस लाभकारी योजना का संचालन करने का निर्णय लिया है। इस योजना को छत्तीसगढ़ की पुरानी परंपरा और रोका- छेका के अंतर्गत शुरू किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य की इस परंपरा में सभी पशुपालक व्यक्ति अपने पशुओं को इस परंपरा के समापन होने तक अपने अपने घरों में पशुओं को बांधकर रखते है। ऐसा करके वे सभी गांव क्षेत्र के किसानों के खरीफ फसल को सुरक्षा प्रदान करते हैं। तो इसी प्रकार से छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने भी इस परंपरा को योजना के अंतर्गत शुरू करने का निर्णय लिया है।

इस योजना में सभी प्रकार की खरीफ फसलों को आवारा पशुओं से सुरक्षा प्रदान हो सकेगी, जिससे सभी किसानों को फसलों में नुकसान भी ना के बराबर उठाना होगा। इस लाभकारी योजना की जानकारी सभी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को मिल सके इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने एक खास कार्यक्रम भी संचालित करने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत सभी प्रकार के गौठानों में पशु चिकित्सक और पशु स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन सरकार के माध्यम से किया जाएगा।

इस योजना की सबसे खास बात यह है, कि सभी प्रकार के कृषि, पशु पालन, मछली पालन करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से किसान क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा एवं इसके अतिरिक्त ऐसे सभी किसानों को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं को भी प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सभी किसान अपने अपने क्षेत्र में किसानी करने के लिए प्रोत्साहित हो सके।

नगरीय निकायों में आवारा पशुओं के लिए की जाएगी व्यवस्था :-

राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने इस योजना को और भी सुगमता प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नगरीय निकायों में निर्मित गौठान और गौठानों की सहायता के माध्यम से आवारा पशुओं को सहारा एवं आवश्यक चारा भी प्रदान करने का निर्णय लिए हुए हैं। सभी प्रकार के कैचर व्यक्ति आवारा पशुओं को एकत्रित करके अपने नजदीकी नगरीय निकायों के गौठानों में पशुओं को पकड़ कर सहारा प्रदान करेंगे। सभी प्रकार के आवारा पशुओं को ऐसे गौठानों में पूरी तरह से इनकी देखरेख एवं स्वास्थ्य की भी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी। ऐसे छत्तीसगढ़ राज्य सरकार अपने राज्य के किसानों एवं आवारा पशुओं को भी आवश्यक सहायता प्रदान कर सकेगी।

छत्तीसगढ़ राज्य में आवारा पशुओं के वजह से खरीफ के फसलों में किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ता था, ऐसे में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने इस योजना के माध्यम से अपने राज्य के सभी खरीफ फसल के किसानों को सुरक्षा प्रदान किया हुआ है। जिससे उन सभी किसानों को आवारा पशुओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान हो सकेगी।

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